कई बार भारी वज्ञन उठाने लम्बे समय तक खड़े रहने, कम्प्यूटर या मोबाइल पर लम्बे समय तक काम करने की वजह से स्लीप डिस्क या कमर दर्द हो सकता है जिसकी वजह से कमर में असहनीय दर्द ,गादी या डिस्क का अपनी जगह से खसकना कमर में नस दबना, अधिक समय तक खड़े नहीं रह पाना पैरों में झुनझुनी आना, पैर सुन्न होना, चलने में दिक्कत होना यह समस्या स्लिप डिस्क के लक्षणों को दर्शाती है। चिकित्सक ऐसे लोगों को ऑपरेशन की सलाह देते हैं। किंतु बिना ऑपरेशन अब इनका इलाज संभव है विश्वस्तरीय 2-7 तकनीक एक हाईपावर लेजर तकनीक है जिसमें कोई चीरा या टाँका नहीं लगाया जाता और न ही महीनों तक दवाई खानी पड़ती है|
लेजर कि 2-7 किरणों को डिस्क पर डाला जाता है, ताकि डिस्क पर रक्त प्रवाह बढ़ जाए एवं नस पर दबाव कम हो। इसके साथ ही एम फिल प्रो का प्रयोग किया जाता है जो की 3 टेसला पर कार्य करती है जिसमें एमआरआई जितना पावर है और उतने ही शीघ्र रिपेयर करने की क्षमता। इसलिए घुटनों का दर्द एवं ऐसे मरीज जिन्हें ऑपरेशन की सलाह दी जाती है वे तुरंत दर्द में आराम पा सकते हैं। ऑरेंज फिजियो केयर पर कई आधुनिक उपकरण है जिनसे मरीज पहले दिन ही दर्द में आराम महसूस करते हैं, इलाज में कोई दर्द नहीं होता, यह दुनिया की सबसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति है,विदेशों में लाखों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं, घुटनों के एवं कमर के क्षतिग्रस्त टिश्यू को रिपेयर किया जाता है, नई कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है, घुटनों में घीसे कॉर्टिलिज को रिपेयर करती है, नहीं देशविदेश से आए हजारों मरीज भी इस नई तकनीक से लाभांवित हो रहे हैं इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य है कि अगर मरीज़ बिना ऑपरेशन के स्वस्थ हो सकता है तो सर्जरी क्यों ?
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए डॉ. पिंकि कई जगह पुरस्कृत हो चुकी है।