बिना ऑपरेशन स्लिप डिस्क एवं घुटनों के इलाज

बिना ऑपरेशन स्लिप डिस्क एवं घुटनों के इलाज के लिए डॉ. पिंकी टोपीवाला हर जगह सम्मानित

गर्दन में नस का दबना, हाथ मै दर्द आना, ऊंगलिया सुन होना, पकड़ कमजोर होना, चलने में लड्खड़ाना आदि गर्दन में नस दबने के सूचक है। जिरे सवाईकल स्पॉडीलायटीस कहते है। कई बार भारी वजन उठाने, लम्बे समय तक खड़े रने, कम्प्यूटर या मोबाईल पर लंबे समय तक काम करने की वजह से स्लिप डिस्क या कमर दर्द हो सकता है।

जिसकी वजह से कमर में असहनीय दर्द गादी या डिस्क का अपनी जगह से खिसकना, कमर मैं नस दबना, अधिक समय तक खडे नही हो पाना,
पैरों में झुनझुनी आना, पैर सुन होना , चलने में दिक्कत होना। यह समस्या स्लिप डिस्क के लक्षणों को दर्शाती है। चिकित्सक ऐसे लोगों का ऑपरेशन की सलाह देते है। किन्तु बिना ऑपरेशन अब इनका इलाज संभव है। विश्व स्तरीय जेड-7 तकनीक एक हाइ पॉवर लेजर तकनीक है। जिसमें कोई चीरा या टांका नहीं लगाया.जाता है और ना ही महीनों तक दवाई खानी पढ़ती है। लेजर की जेड-7 किरणों को डिस्क पर डाला जाता है ताकि डिस्क पर रक्त प्रवाह बढ़ जाये एवं नस पर दबाव कम हो। इसके साथ ही एमफिल प्रो का प्रयोग किया जाता है जो कि 3 टेसला पर कार्य करती है। जिसमें एमआरआई जितना पॉवर है। घुटनों का दर्द एवं ऐसे मरीज़ जिन्हें ऑपेशन की सलाह दी जाती है। वे तुरंत दर्द में आराम पा सकते है। ऑरेज फिजियोकियर पर कर्द आधुनिक उपकरण है जिनसे मरीज पहले दिन ही दर्द में आराम महसूस करते है।